RASHTRADEEP NEWS
अपर सत्र न्यायाधीश संख्या चार के पीठासीन अधिकारी मुकेश कुमार सोनी ने करीब पांच साल पूर्व धर्मचंद खत्री का अपहरण और हत्या के दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक को 27,000 रुपए का अर्थदंड भी देना होगा।
डूडी पेट्रोल पंप के पीछे रहने वाले धर्मचंद खत्री 31 जुलाई, 19 की शाम को घर से निकले थे। रुपयों के लेनदेन के कारण उनका अपहरण कर हत्या कर दी गई और शव नाल गोचर भूमि में फेंक दिया था। पुलिस ने इस मामले में सूरतगढ़ के राजियासर निवासी महावीर सोनी व दीपक राजपूत को गिरफ्तार किया था। इस मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी माना और आजीवन कारावास व प्रत्येक को 27,000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की रा शि जमा नहीं कराने पर 9 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाहों के बयान हुए। राज्य की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक धीरज चौधरी और परिवादी की ओर से पैरवी मुकेश आचार्य व प्रेमदान ने की। गौरतलब है कि परिवादी गिरिराज खत्री की ओर से नाल थाना पुलिस को दी गई रिपोर्ट में बताया गया था कि 31 जुलाई, 19 की शाम को करीब 7.30 बजे महावीर सोनी ने पिता धर्मचंद को फोन किया। उसके बाद पिता घर से निकले और फिर वापस नहीं लौटे। एक अगस्त की शाम को नाल ओवरब्रिज के पास गोचर भूमि में धर्मचंद खत्री का शव मिला। उनके हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे। उनकी गला घोंटकर हत्या की गई और शव को घसीटकर झाड़ियों के पीछे डाल दिया।
नाल बुलाकर की थी हत्या
दोनों आरोपियों ने रुपयों के लेनदेन के कारण धर्मचंद की हत्या की थी। धर्मचंद आरोपियों से रुपए मांगता था। आरोपियों ने उसे नाल एरिया में बुलाया। उसकी गला घोंटकर हत्या की और हाथ-पैर बांधकर शव को घसीटकर झाड़ियों में फेंक दिया। दोनों आरोपी वारदात के बाद धर्मचंद की बाइक और मोबाइल लेकर फरार हो गए थे। पुलिस को नाल रोड पर सीसीटीवी फुटेज से क्लू मिले थे जिसके जरिये वह हत्यारों तक पहुंची।















