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स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में प्रशिक्षण ले रहे थानेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने में फूंक-फूंक कर कदम रख रही है, ताकि कोर्ट में एसओजी की किरकिरी न हो। एसओजी व आरपीए सूत्रों की मानें तो अभी भी 125 थानेदार संदेह के घेरे में हैं, जिनकी भूमिका की जांच भी टुकड़ों में की जा रही है।
एसओजी ने करीब 700 थानेदारों की फिर से परीक्षा ली थी, जिसमें फिसड्डी रहने वाले कई थानेदार गिरफ्तार हो चुके। हालांकि एसओजी ने परीक्षा में कम नंबर लाने वाले 125 थानेदारों की सूची और तैयार कर रखी है। इनमें कई थानेदार तो प्रशिक्षण के दौरान भी संदेह के घेरे में आ गए थे, लेकिन सरकारी प्रक्रिया से चयन होने पर आरपीए प्रशासन इस मामले में चुप है।वहीं, पेपर लीक मामले से संबंधित रिपोर्ट सरकार को मिल चुकी है। इसके बावजूद लाखों बेरोजगारों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले कई संदिग्ध थानेदार बन रहे है। यह भी चर्चा है कि किसको बचाने के लिए परीक्षा रद्द नहीं की गई।
36 थानेदार हो चुके गिरफ्तार
उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 की जांच कर रही एसओजी मान चुकी कि अलग-अलग गिरोह ने परीक्षा के सभी पेपर लीक किए थे। एफआइआर भी दर्ज की और करीब 60 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी। इनमें प्रशिक्षण ले रहे 36 थानेदार शामिल हैं। जबकि चार थानेदार गिरफ्तारी से बचने के लिए आरपीए से भाग गए। आरोपी जगदीश बिश्नोई गिरोह ने 10 लाख रुपए में पेपर खरीदकर 50 लाख रुपए में बेचा था और गिरोह के सदस्यों ने किसी को 10 लाख में तो किसी को 15 से 20 लाख रुपए में पेपर बेचा था। इसी प्रकार आरोपी ओमप्रकाश गिरोह ने भी 10 से 20 लाख रुपए में पेपर बेचा था।
















