Bharat Politics
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 27 मार्च को हुए विधानसभा घेराव आंदोलन के दौरान हुई हिंसा ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। कांग्रेस के 11 वरिष्ठ नेताओं और 5000 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ राजधानी पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह एफआईआर प्रभारी निरीक्षक दयानिधि नायक की रिपोर्ट पर 28 मार्च को दर्ज की गई थी, लेकिन इसका खुलासा बुधवार को मीडिया के सामने किया गया।
इस आंदोलन का आयोजन महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों के विरोध में किया गया था। हालांकि, विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति बेकाबू हो गई और पुलिस के साथ हिंसक झड़पें हुईं। जिसमें कई लोग, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल थे, घायल हो गए।
एफआईआर में ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास समेत कई वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल हैं। आरोप है कि इन नेताओं ने गैरकानूनी रूप से भीड़ एकत्र कर दंगा फैलाया, लोक सेवकों के खिलाफ आपराधिक बल का इस्तेमाल किया और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डाला। पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में इसके और भी गंभीर राजनीतिक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।















