Bikaner News
इंदिरा गांधी नहरबंदी को समाप्त हुए दो दिन बीत चुके हैं। लेकिन बीकानेर शहर में पानी की किल्लत बरकरार है। गर्मी के इस पीक सीज़न में शहरवासी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। जलापूर्ति को लेकर फैली अव्यवस्था ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है।
लॉयन एक्सप्रेस ने अपने फेसबुक पेज पर इस मुद्दे को लेकर सर्वे किया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रतिक्रिया दी। अधिकांश नागरिकों ने बताया कि उनके क्षेत्र में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। कुछ इलाकों में तो दो दिन से पानी की एक बूंद भी नहीं आई है। गौरतलब है कि जिस दिन नहरबंदी समाप्त हुई थी, उसी दिन जलदाय विभाग ने दावा किया था कि जलाशयों में पर्याप्त पानी मौजूद है और जल्द ही रेगुलर सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। मगर हकीकत इसके ठीक उलट नजर आ रही है।
गर्मी के इस चरम दौर में पानी की मांग चरम पर है, लेकिन सप्लाई नाकाफी होने के कारण लोग महंगे दामों में टैंकर खरीदने को मजबूर हैं। सबसे अधिक परेशानी उन परिवारों को हो रही है जिनके घरों में शादी-विवाह हैं, जिनके घरों में निर्माण कार्य चल रहा है या फिर जो पशुपालन से जुड़े हैं। स्थिति यह है कि जल संकट अब जनाक्रोश का रूप लेने लगा है। लोग सोशल मीडिया पर नाराज़गी जता रहे हैं और प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।














