Bikaner PBM Hospital
बीकानेर संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल PBM में नियम-कायदे ताक पर रखे जा रहे हैं। इस दौरान भाजपा नेता वेद व्यास ने कहा–“अस्पताल की आपातकालीन एंट्री, जहां हर समय हर पल ज़िंदगी और मौत के बीच जूझते मरीज पहुंचते हैं। ओर आज वहां अब स्टाफ की गाड़ियों की ‘निजी पार्किंग’ बन चुकी है। जबकि PBM अस्पताल में स्टाफ के लिए अलग से पार्किंग बनी हुई है। उसके बावजूद भी ये हालत है।”

- सवाल ये है कि– क्या आपातकालीन रास्ता स्टाफ की गाड़ी खड़ी करने के लिए है?
- क्या आम जनता के लिए अलग नियम और स्टाफ के लिए अलग?

उन्होंने ने कहा– देखा जाए तो यह नियमों में भेदभाव है। क्या PBM जैसे जाने-माने अस्पताल से यही उम्मीद की जाती है? यह सिर्फ कुव्यवस्था नहीं, बल्कि आपातकालीन में आने वाले मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। अस्पताल प्रशासन को सबसे पहले खुदके निज अनुशासन पर ध्यान देना चाहिए — वरना ‘आपातकालीन’ शब्द सिर्फ बोर्ड तक ही सीमित रह जाएगा।















