Former Vice President Jagdeep Dhankhad
उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे के 42 दिन बाद जगदीप धनखड़ ने सोमवार शाम 6 बजे आधिकारिक आवास छोड़ दिया। अब वे दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर स्थित इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) प्रमुख अभय चौटाला के फार्महाउस में रहेंगे।
अभय चौटाला ने बताया— हमारे परिवार और धनखड़ जी के रिश्ते दशकों पुराने हैं। हमने आग्रह किया कि वे हमारे साथ रहें और उन्होंने सहमति दे दी।
इस्तीफे के बाद से चर्चा में
धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए मानसून सत्र की शुरुआत में इस्तीफा दिया था। तब से लेकर अब तक वे सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आए। विपक्ष ने उन पर हाउस अरेस्ट जैसे गंभीर आरोप लगाए, हालांकि सरकार ने इसे खारिज किया। फिलहाल पूर्व VP संसद भवन के पास स्थित उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में थे। अब वे चौटाला फार्महाउस में तब तक रहेंगे, जब तक उन्हें पूर्व उपराष्ट्रपति के नाते मिलने वाला टाइप-8 बंगला अलॉट नहीं हो जाता। करीबी सूत्रों के अनुसार, धनखड़ इस समय परिवार के साथ वक्त बिता रहे हैं, योग कर रहे हैं और टेबल टेनिस का आनंद ले रहे हैं।
नया उपराष्ट्रपति कौन?
9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव होना है। इसमें एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि विपक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी मैदान में हैं।
धनखड़–चौटाला परिवार का 40 साल पुराना रिश्ता
धनखड़ और चौटाला परिवार का संबंध 1980 के दशक से है। 1989 में हरियाणा के दिग्गज नेता और तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल ने राजस्थान के युवा वकील धनखड़ को “भविष्य का नेता” कहा था। उसी दौर में देवीलाल के जन्मदिन पर बोट क्लब, दिल्ली में आयोजित विपक्षी रैली के लिए धनखड़ ने राजस्थान से 500 गाड़ियां जुटाई थीं। इसके बाद देवीलाल ने उन्हें झुंझुनूं से टिकट दिया और खुद प्रचार किया। चुनाव जीतने के बाद धनखड़ को मंत्री पद मिला। लेकिन जब वी.पी. सिंह ने देवीलाल को मंत्रिमंडल से हटाया, तब धनखड़ ही इकलौते मंत्री थे जिन्होंने विरोध में अपना इस्तीफा दे दिया था।














