⚫ Bikaner Crime News
बीकानेर की अदालत ने अवैध हथियार रखने और पुलिस व ग्रामीणों पर फायरिंग करने के गंभीर मामले में हरियाणा के तीन कुख्यात बदमाशों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। अपर सेशन न्यायाधीश संख्या-5 बीकानेर अनुभव सिडाना की अदालत ने 17 सितम्बर 2025 को फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को दो वर्ष का साधारण कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया।
मामला कब और कैसे हुआ था?
यह घटना 13 सितम्बर 2019 की है। महाजन थाना प्रभारी ईश्वर सिंह अपनी टीम के साथ अर्जुनसर क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। तभी सूचना मिली कि सुरतगढ़ फायरिंग केस से जुड़े बदमाश अर्जुनसर की रोही में हथियारों के साथ घूम रहे हैं। पुलिस मौके पर पहुंची तो तीन युवक हाथों में पिस्टल लेकर फायरिंग करते दिखाई दिए। ग्रामीण भूराराम ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने उस पर गोली चला दी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से तीनों बदमाशों को घेराबंदी कर काबू में ले लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
- सुनील खीरा पुत्र राजकुमार, निवासी करनाल (हरियाणा)
- अंकुश कमालपुरा पुत्र राजकुमार, निवासी कमालपुर, जिला करनाल (हरियाणा)
- अंकित पंडित उर्फ अंकित धमाका पुत्र ओमप्रकाश, निवासी पलवल (हरियाणा)
बरामद हुए अवैध हथियार
तलाशी में तीनों के पास से पुलिस ने तीन अवैध पिस्टल, तीन मैग्जीन और कुल 86 जिंदा कारतूस बरामद किए। सुनील से 39 कारतूस, अंकित से 25 कारतूस, अंकुश से 9 एमएम पिस्टल मैग्जीन समेत हथियार बरामद हुए।
महाजन थाना पुलिस ने आरोपियों पर धारा 307, 332, 353, 336, 34 आईपीसी तथा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। कोर्ट में पेश सबूतों और गवाहों के आधार पर तीनों को दोषी ठहराया गया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि तीनों आरोपियों के पास अवैध हथियार थे और उन्होंने ग्रामीण व पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला किया। अदालत ने तीनों को आयुध अधिनियम की धारा 3/25(1-8)(ए) में दोषी करार देते हुए दो वर्ष का साधारण कारावास व 5000 रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सरकार की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजन अधिकारी शिव शंकर स्वामी ने की।














