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बीकानेर की सड़कों पर फैला अतिक्रमण नहीं बचेगा, अदालत ने दिया 20 दिन का अल्टीमेटम…

🟡 Bikaner Lok Adalat Order

बीकानेर स्थाई लोक अदालत (जनोपयोगी सेवा) ने शहर में अवैध कब्जों और अतिक्रमण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने नगर निगम और बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) को आदेश दिया है कि शहर के धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक जाने वाले रास्तों को पूरी तरह बाधामुक्त किया जाए।

नोखा रोड से लक्ष्मीनाथ मंदिर तक अतिक्रमण हटाने के निर्देश

अधिवक्ता बाबूलाल स्वामी द्वारा दायर याचिका में परिवादी शिवकुमार ने बताया कि नोखा रोड पेट्रोल पंप से लक्ष्मीनाथ मंदिर तक जाने वाला मार्ग अवैध ठेकों, टीन शेड, रैप और पक्के निर्माणों के कारण संकरा हो चुका है।

  • आचार्य की बगेची के आगे बने पक्के मकान
  • राव बीकाजी टेकरी के पास अवैध टैक्सी स्टैंड
  • ठेलों से फैला कचरा

ये सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही में बड़ी बाधा बन रहे हैं।

अदालत के अध्यक्ष महेश कुमार शर्मा और सदस्य प्रियंका पुरोहित व विमला रामावत ने निगम और बीडीए को आदेश दिया कि सड़क की वास्तविक चौड़ाई रिकॉर्ड में स्पष्ट करें और अतिक्रमण हटाकर रिपोर्ट पेश करें।

नागणेचेजी मंदिर–जूनागढ़ मार्ग पर भी जांच के आदेश

दूसरे मामले में मेडिकल कॉलेज चौराहे के पास सरस बूथ की आड़ में बने ढाबे, होटल, ठेले और अस्थायी दुकानें मुख्य सड़क को बाधित कर रही हैं। इस पर बीडीए ने अतिक्रमण न होने का दावा किया। लोक अदालत ने बीडीए के सक्षम अधिकारी को 20 दिन में मौके पर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। रिपोर्ट में सड़क की चौड़ाई, अवैध निर्माण और की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा शामिल करना होगा।

क्यों अहम है फैसला?

बीकानेर धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है। लक्ष्मीनाथ मंदिर, नागणेचेजी मंदिर और जूनागढ़ जैसे स्थल रोज़ाना हजारों श्रद्धालुओं व पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। अवैध अतिक्रमण से न सिर्फ आमजन परेशान होते हैं, बल्कि शहर की छवि और पर्यटन पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।


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