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बीकानेर में कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस शुरू, सोशल मीडिया पकड़ से नापी जाएगी लोकप्रियता…

Bikaner Congress President Selection 2025

बीकानेर में कांग्रेस के सृजन संगठन कार्यक्रम के तहत इस बार शहर और देहात अध्यक्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पार्टी ने दावेदारों से जो आवेदन फॉर्म भरवाया है, उसमें अबकी बार सोशल मीडिया पर पकड़ को भी प्रमुख आधार बनाया गया है। दावेदारों से उनके Facebook और X (Twitter) अकाउंट की जानकारी मांगी गई है। पार्टी यह देखेगी कि उनके कितने फॉलोअर्स हैं और वे जनसंपर्क या राजनीतिक मुद्दों पर कितने सक्रिय हैं।

पर्यवेक्षक राजेश लीलोठिया बीकानेर सर्किट हाउस में लगातार कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं। वे न केवल फॉर्म स्वीकार कर रहे हैं बल्कि दावेदारों से विस्तृत चर्चा भी कर रहे हैं।
फॉर्म में मांगी गई जानकारी में शामिल हैं—

  • दावेदार का राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव
  • अब तक लड़े गए चुनाव और प्राप्त वोट प्रतिशत
  • सोशल मीडिया हैंडल्स (Facebook, X) की जानकारी
  • 100 कार्यकर्ताओं के नाम और मोबाइल नंबर

सूत्रों के अनुसार, लीलोठिया की टीम इन समर्थकों को कॉल कर ग्राउंड लेवल सपोर्ट की भी जांच करेगी।

शहर अध्यक्ष पद के लिए कई नाम चर्चा में हैं—

  • अनिल कल्ला (पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला के भतीजे)
  • अरुण व्यास (सचिन पायलट खेमे से जुड़े)
  • पूर्व मेयर मकसूद अहमद
  • हारुन राठौड़ (अल्पसंख्यक वर्ग से)
  • रवि पुरोहित (लंबे समय से संगठन में सक्रिय)

देहात कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए

  • बिशनाराम सियाग का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। (डूडी खेमे से है। हाल ही में रामेश्वर डूडी के निधन के बाद उनका खेमा संगठन में थोड़ा निराश दिखाई दे रहा है।)
  • लक्ष्मण कड़वासरा (पूर्व अध्यक्ष)
  • गोविंदराम मेघवाल (पूर्व मंत्री)
  • शिवलाल गोदारा
  • रामनिवास कूकणा

पार्टी ने संगठनात्मक चयन प्रक्रिया में एक नया आयाम जोड़ते हुए बुद्धिजीवी वर्ग से राय लेने का निर्णय किया है। इसमें साहित्यकारों, शिक्षकों, वकीलों और पत्रकारों को आमंत्रित किया गया है। प्रत्येक वर्ग से 5-6 प्रतिनिधि अपने सुझाव देंगे, जिन्हें पर्यवेक्षक की अंतिम रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।

बीकानेर कांग्रेस की यह पहल इस बार स्पष्ट संकेत दे रही है कि अब केवल संगठन में सक्रियता नहीं, बल्कि डिजिटल पहुंच और ऑनलाइन जनसंपर्क भी अहम भूमिका निभाएंगे। कांग्रेस चाहती है कि जो भी नया अध्यक्ष बने, उसकी ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों पर मजबूत उपस्थिति हो।


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