🟡 Rajasthan News Today
राजस्थान सरकार ने आम जनता, छोटे व्यापारियों और ग्रामीणों को बड़ी राहत देते हुए ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में तीन अहम अधिनियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। यह बदलाव राज्य में ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
🔹 अब छोटी तकनीकी गलती पर नहीं होगी जेल
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, छोटे स्तर पर होने वाले उल्लंघनों और तकनीकी गलतियों के लिए अब आपराधिक दंड (कारावास) नहीं लगेगा।
➡️ जेल की जगह केवल जुर्माना लगाया जाएगा।
इससे न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि छोटे कारोबारियों को भी अनावश्यक कानूनी परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।
🔹 भारत सरकार के जन विश्वास अधिनियम-2023 की तर्ज पर कदम
राज्य सरकार ने केंद्र के जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम-2023 के आधार पर यह सुधार लागू किया है। इसके अनुरूप, कैबिनेट ने राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश–2025 के प्रारूप को मंजूरी दी।
🔹 11 अधिनियमों से हटेंगे आपराधिक प्रावधान
इस अध्यादेश के तहत कुल 11 अधिनियमों से आपराधिक धाराएं हटाई जाएंगी, जिससे तकनीकी या मामूली गलती पर भी जेल जाने का खतरा खत्म हो जाएगा।
🔹 अदालतों पर बोझ कम, जनता को राहत ज्यादा
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि इस फैसले से—
✔ अदालतों में लंबित मुकदमों का बोझ घटेगा
✔ व्यापारियों और ग्रामीणों के लिए नियम सरल होंगे
✔ शासन में पारदर्शिता और सुगमता बढ़ेगी
✔ राज्य में निवेश और व्यापारिक माहौल को नई दिशा मिलेगी



















