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जीते जी अस्पताल की सेवा, मृत्यु के बाद नेत्रदान कर बाबूलाल बिश्नोई बन गए मिसाल…

🟡 Babulal Bishnoi Eye Donation Bikaner

बीकानेर जिले के पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत गार्ड कर्मी बाबूलाल बिश्नोई की ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई, लेकिन उनके परिवार ने नेत्रदान कर एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया। उनके इस निर्णय से अब दो जरूरतमंद लोगों को नई रोशनी मिल सकेगी।

जानकारी के अनुसार 8 मार्च 2026 की सुबह करीब 6 बजे ट्रॉमा सेंटर, पीबीएम अस्पताल में ड्यूटी के दौरान बाबूलाल बिश्नोई (56) पुत्र हरचंद्र राम बिश्नोई को अचानक हार्ट अटैक आ गया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद ट्रॉमा सेंटर इंचार्ज सीएमओ डॉ. एल. के. कापिल, नर्सिंग ऑफिसर श्योपत गोदारा और अन्य सहकर्मियों ने परिजनों को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। परिजनों—रामनिवास बिश्नोई और हनुमान बिश्नोई—ने मानवीय पहल दिखाते हुए नेत्रदान के लिए सहमति प्रदान की। इसके बाद आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान, बीकानेर की टीम ने समय रहते प्रक्रिया पूरी की। आई डोनेशन टेक्नीशियन निलेन्द्र सिंह ने सुरक्षित तरीके से कॉर्निया निकालकर संरक्षित किया।

ट्रॉमा सेंटर इंचार्ज डॉ. एल. के. कापिल ने बताया कि अंगदान और नेत्रदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है, ताकि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी कई लोगों के जीवन में रोशनी लाई जा सके।

वहीं नर्सिंग ऑफिसर जिलाध्यक्ष श्योपत गोदारा ने परिवार के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि बाबूलाल बिश्नोई ने जीवन में सेवा की और मृत्यु के बाद भी नेत्रदान के माध्यम से समाज के लिए प्रेरणा बन गए। इस अवसर पर परिवारजनों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया और उनके इस नेक कार्य के लिए आभार व्यक्त किया गया।


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