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PBM अस्पताल में 6 महीने बाद हुआ बड़ा खुलासा, कमेटी भंग…

🟡 PBM Hospital Bikaner CT MRI Tender Controversy

बीकानेर के PBM अस्पताल में CT-MRI टेंडर प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। टेंडर के लिए गठित टेक्निकल कमेटी में हितों के टकराव का मामला उजागर होने के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए कमेटी को भंग कर दिया है।

दरअसल, राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी के तहत CT-MRI मशीनों के स्पेसिफिकेशन तय करने के लिए अगस्त 2025 में बनाई गई कमेटी में डॉक्टर सचिन बांठिया को शामिल किया गया, जो खुद डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित करते हैं। टेंडर प्रक्रिया के करीब छह महीने बाद इस मामले का खुलासा अपील के फैसले के दौरान हुआ। कमेटी में शामिल डॉक्टर की भूमिका स्पेसिफिकेशन तय करने में अहम रही। आरोप है कि उनकी निजी लैब होने के कारण टेंडर की शर्तों और मापदंडों को प्रभावित किया जा सकता था। सुनवाई के दौरान संबंधित डॉक्टर बांठिया ने यह स्वीकार भी किया कि वे कुछ निजी फर्मों के साथ कार्यरत हैं।

चिकित्सा शिक्षा आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने इसे राजस्थान पब्लिक प्रोक्योरमेंट में पारदर्शिता के नियमों का उल्लंघन माना। उन्होंने तत्काल प्रभाव से टेक्निकल कमेटी को भंग करने और नई कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही, हितबद्ध व्यक्तियों को भविष्य की निविदाओं से दूर रखने के निर्देश जारी किए।

इस पूरे मामले ने सरकारी अस्पतालों में टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों से सरकारी खरीद प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित होती है।


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