⚫ Bikaner News Today
बीकानेर जिले के मूंडसर गांव से रिश्तों की अनोखी मिसाल सामने आई है, जहां परंपरा और भावनाओं का खूबसूरत संगम देखने को मिला। इलाके की सादगी भले ही रेतीली जमीन से जुड़ी हो, लेकिन यहां भाई-बहन का प्यार किसी भी मायने में कम नहीं है।
मूंडसर गांव में 19 फरवरी को किसान धर्मपाल मूंड के परिवार में खुशियों का माहौल था, जब उनके दो बेटों और एक बेटी की शादी एक साथ संपन्न हुई। इस खास मौके पर स्वरूपदेसर गांव निवासी कालूराम सियाग अपनी बहन का मायरा भरने पहुंचे।मायरे की इस रस्म ने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया, जब कालूराम सियाग ने अपनी बहन के बच्चों की शादी में 51 लाख रुपए नकद और करीब 25 लाख रुपए के सोने के आभूषण भेंट किए। कुल मिलाकर 76 लाख रुपए का यह मायरा गांव में चर्चा का विषय बन गया।
गांव के लोगों ने इस भावुक पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया, और देखते ही देखते यह खबर पूरे इलाके में फैल गई। छोटे से गांव में मामा के इस बड़े दिल और पारिवारिक परंपराओं के सम्मान ने सभी को प्रभावित किया।
राजस्थान में ‘मायरा’ केवल एक रस्म नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट रिश्ते और सामाजिक परंपराओं का प्रतीक है। मूंडसर की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि बदलते समय में भी रिश्तों की गर्माहट और परंपराओं की अहमियत बरकरार है।














