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राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा भूचाल उस वक्त आया जब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जयपुर टीम ने बागीदौरा से भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक जयकृष्ण पटेल को 20 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई रविवार को जयपुर के ज्योतिनगर स्थित सरकारी आवास पर की गई। ACB ने सोमवार को विधायक जयकृष्ण पटेल और उनके चचेरे भाई को कोर्ट में पेश किया। जहां दोनों को पूछताछ के लिए दो दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। अब ACB सात मई को उन्हें फिर से कोर्ट में पेश करेगी।
ACB के डीजी रवि प्रकाश महरेड़ा ने खुलासा किया कि परिवादी ने 4 अप्रैल को भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई थी। शुरुआती डील 10 करोड़ रुपये में हुई थी, लेकिन बातचीत के बाद मामला ढाई करोड़ रुपये में तय हुआ। यह रकम विधायक द्वारा विधानसभा में सवाल पूछने के बदले मांगी गई थी। परिवादी ने पहली किश्त के तौर पर बांसवाड़ा में एक लाख रुपये विधायक को दिए। दूसरी किश्त के लिए विधायक को जयपुर बुलाया गया, जहां ACB ने जाल बिछाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान विधायक के हाथों में रंग लगा पाया गया, जिससे पुष्टि हुई कि उन्होंने रिश्वत की रकम को छुआ था।
ACB की गनमैन, ड्राइवर और सोशल मीडिया टीम से पूछताछ
ACB ने विधायक के गनमैन, ड्राइवर और सोशल मीडिया हैंडलर से पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी कैश लेकर भागे व्यक्ति की जानकारी होने से इनकार किया। हालांकि, बाद में ACB ने फरार व्यक्ति को 20 लाख रुपये समेत गिरफ्तार कर लिया।
कांग्रेस ने जताई साजिश की आशंका
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह स्टडी केस बनता जा रहा है। सवाल पहले ही लगाए जा चुके थे, सरकार ने जवाब दे दिया, किसी अवैध खनन को नहीं माना। फिर भी ढाई करोड़ की डील सवाल खड़े करती है। यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है।”
निष्कर्ष:
BAP विधायक जयकृष्ण पटेल की गिरफ्तारी ने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है। ACB की जांच अब और गहराई में जाएगी, और देखना होगा कि इसमें और कौन-कौन से चेहरे बेनकाब होते हैं।














