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प्रदेशभर के हजारों पंचों और सरपंचों को लेकर सरकार की ओर से बड़ा निर्णय सामने आया है। 11 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों में अब निवर्तमान सरपंच और पंच मिलकर पट्टे बांटने का काम करेंगे। इसको लेकर पंचायतीराज आयुक्त एवं सचिव जोगाराम ने सभी जिला परिषदों को महत्वपूर्ण चिट्ठी जारी की है।
दरअसल, प्रदेश सरकार द्वारा “हर घर दस्तक” और “नगर-ग्राम स्वामी अभियान” के तहत ग्रामीण व शहरी इलाकों में पट्टे वितरण अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन कई ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो चुका है, ऐसे में सरपंच और पंचों को प्रशासक बनाकर उनके अधिकार यथावत रखे गए हैं।
चिट्ठी में क्या कहा गया है
आयुक्त जोगाराम की चिट्ठी में स्पष्ट किया गया है कि जिन ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, वहां निवर्तमान सरपंच को प्रशासक नियुक्त किया गया है, जबकि पूर्व उप सरपंच और वार्ड पंच प्रशासकीय समिति के सदस्य होंगे। अब ये प्रशासक और समिति मिलकर गांवों में पट्टे वितरण से जुड़े कार्य करेंगे।
कानूनी आधार
यह व्यवस्था राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 और राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के अंतर्गत दी गई शक्तियों के तहत की गई है। सरपंचों को अधिकार है कि वे प्रशासकीय समिति की बैठक बुलाकर संबंधित निर्णय लें और पट्टे वितरण जैसे कार्यों को आगे बढ़ाएं।
सरकार का लक्ष्य
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर पात्र ग्रामीण को उसका मकान और जमीन का अधिकार मिले। इस दिशा में पंचायत स्तर पर तेजी से काम हो रहा है ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
















