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एससी-एसटी मामलों की विशेष अदालत ने चार साल पुराने हत्या मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। पीठासीन अधिकारी विकास कालेर ने दो आरोपियों – गौरव शर्मा और शंकरलाल नायक – को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक को ₹20,000 अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं कराने पर दोनों आरोपियों को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह घटना जून 2021 की है। परिवादी मोहनराम ने 16 जून 2021 को व्यास कॉलोनी थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसका पुत्र चतराराम 15 जून की शाम को गौरव शर्मा और शंकरलाल नायक के साथ कार में निकला था। रात को 9 बजे भांजे नाथूराम से अंतिम बार बातचीत हुई थी। चतराराम ने बताया था कि वह दोनों के साथ खारा जामसर की ओर है और रात तक लौट आएगा। लेकिन अगली सुबह चतराराम का शव जोधपुर-श्रीगंगानगर बाइपास पर कार में मिला। परिजनों ने शक जताया कि दोनों आरोपियों ने गला घोंटकर उसकी हत्या की है।
पुलिस ने अनुसंधान कर दोनों आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज करवाए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।














