⚪ Khejdi Bachao Mahapadav Bikaner
बीकानेर में खेजड़ी संरक्षण को लेकर चल रहा आंदोलन शुक्रवार को एक अहम मोड़ पर पहुंच गया। बिश्नोई धर्मशाला के सामने जारी आमरण अनशन सरकार के लिखित आश्वासन के बाद चौथे दिन समाप्त कर दिया गया। हालांकि आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि खेजड़ी संरक्षण के लिए ठोस कानून बनने तक महापड़ाव और क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे परसराम बिश्नोई ने कहा कि, आमरण अनशन भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन संघर्ष खत्म नहीं हुआ है। अब प्रतिदिन नए पर्यावरण प्रेमी क्रमिक अनशन पर बैठेंगे और आंदोलन को निरंतर जारी रखेंगे। उनका कहना है कि खेजड़ी कटाई पर सख्त कानून लागू होने तक धरना स्थल पर महापड़ाव चलता रहेगा। गौरतलब है कि गुरुवार को सरकार के मंत्री केके बिश्नोई और जसवंत की मौजूदगी में संतों ने अनशन तोड़ा था। इसी दौरान प्रदेशभर में खेजड़ी कटाई पर रोक को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में विवाद की स्थिति भी बनी। देर रात करीब एक बजे सभी अनशनकारियों ने सामूहिक रूप से आमरण अनशन समाप्त किया।
आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुड़े। आमरण अनशन में अनशनकारियों की संख्या 537 तक पहुंच गई थी। लगातार अनशन के कारण कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। अब तक 14 अनशनकारियों को पीबीएम अस्पताल रेफर किया जा चुका है, जबकि 100 से अधिक लोगों का इलाज महापड़ाव स्थल पर ही किया गया। दो अनशनकारियों की हालत गंभीर होने पर उन्हें हल्दीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।














