⚪ Bikaner Crime News
अपर सेशन न्यायाधीश रैना शर्मा की कोर्ट ने बीकानेर जिले के महाजन थाने के एक सनसनीखेज ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म केस में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी रमजान पुत्र इकबाल, निवासी गोपालसर (जिला श्रीगंगानगर) हाल वार्ड-15 महाजन, को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। यह मामला जून 2024 में दर्ज हुआ था। जिसमें पीड़िता ने वर्ष 2020 से लगातार ब्लैकमेलिंग व दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
कोर्ट में बयान देते समय पीड़िता ने सभी आरोपों से साफ पलटते हुए कहा कि उसके साथ न तो ब्लैकमेलिंग हुई, न दुष्कर्म। एफआईआर भी उसके कहने पर दर्ज नहीं की गई थी और पुलिस में दिए बयान भी दबाव में थे।इससे मामले की जड़ ही कमजोर पड़ गई। अभियोजन ने जो कथित न्यूड फोटो सबूत के रूप में पेश किए, वे भी चौंकाने वाले निकले। फोटो में पीड़िता और आरोपी सहमति से गले मिलते और पोज देते नजर आए।सबसे अहम—नहाते समय चोरी से ली गई एक भी फोटो नहीं मिली, जो अभियोजन के मूल आरोप को ही खारिज कर देती है।
22 पन्नों के विस्तृत फैसले में जज रैना शर्मा ने लिखा— अभियोजन संदेह से परे अपना मामला साबित करने में पूरी तरह विफल रहा। मुख्य गवाह पक्षद्रोही हो गए। फोटो सहमति वाले प्रतीत होते हैं। चिकित्सकीय साक्ष्य शून्य है। अतः आरोपी को संदेह का लाभ दिया जाता है।
वर्ष 2020 से चल रहे तथाकथित ‘ब्लैकमेलिंग और बार-बार दुष्कर्म’ के मामले में अभियोजन की कहानी अदालत में धराशायी हो गई। आरोपी रमजान को पूरी तरह बरी कर दिया गया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता संजय ख़ान ने पैरवी की।














