🔴 Bikaner News Today
बीकानेर जिले के नोखा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। मां के अंतिम संस्कार के दौरान बेटे को ऐसा सदमा लगा कि उसकी भी जान चली गई। दो दिन के भीतर मां-बेटे की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
जानकारी के अनुसार नोखा निवासी तारादेवी खत्री का 21 दिसंबर की रात निधन हो गया था। सोमवार दोपहर करीब 1 बजे नोखा के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा था। इस दौरान बड़े बेटे सुभाष चंद्र मां की अंतिम यात्रा और संस्कार की रस्में निभा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही मां की चिता को अग्नि दी गई, उसी क्षण सुभाष चंद्र अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें नोखा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है।
इस हृदयविदारक घटना के बाद मंगलवार को सुभाष चंद्र का भी अंतिम संस्कार कर दिया गया। महज दो दिन के अंतराल में मां और बेटे की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। मोहल्ले और रिश्तेदारों में गमगीन माहौल है, हर आंख नम है।















