⚪ Bikaner News Today
बीकानेर में विकास कार्यों की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आमतौर पर किसी भी पाइपलाइन पर अत्यधिक दबाव पड़ने से नुकसान हो सकता है, लेकिन जब नई सड़क का निर्माण किया जाता है तो यह प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि भविष्य में पाइपलाइन न टूटे और लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क को दोबारा न खोदना पड़े।
मगर वेटरनरी विश्वविद्यालय के सामने स्थित एसबीआई चौराहे पर इसका ठीक उलटा नज़ारा देखने को मिल रहा है।
जानकारी के अनुसार, महज एक माह के भीतर यहां नई बनी सड़क को दो स्थानों पर खोद दिया गया। पहले सरकारी आवास के सामने सड़क तोड़ दी गई, जहां मरम्मत के नाम पर सिर्फ मिट्टी डालकर काम चलाया गया। अब चौराहे के बीचों-बीच सड़क को कई दिनों से खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वेटरनरी विवि रोड पर एसबीआई सर्किल के पास पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए नई सड़क को खोदना पड़ा, लेकिन सवाल यह उठता है कि सड़क निर्माण से पहले पाइपलाइनों की जांच, सुरक्षा और समुचित प्लानिंग क्यों नहीं की गई?
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से न केवल सरकारी धन की बर्बादी हो रही है, बल्कि रोजाना जाम, धूल और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है।















