⚪ Bikaner News Today
राजस्थान हाईकोर्ट ने बीकानेर जिले में अंधाधुंध हो रही खेजड़ी पेड़ों की अवैध कटाई को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने जिला कलेक्टर और उप वन संरक्षक (द्वितीय) आईजीएनपी बीकानेर को अवमानना नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों में शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई उस याचिका पर हुई जिसमें अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के अध्यक्ष देवेंद्र बुडिया और जीव रक्षा संस्थान के अध्यक्ष मोखराम बिश्नोई ने वर्ष 2022 में राज्य सरकार, कलेक्टर और वन अधिकारियों सहित 11 जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी।
जस्टिस कुलदीप माथुर ने 25 सितंबर को आदेश जारी करते हुए कहा कि जैसलमेर और बीकानेर के खाजूवाला, दंतौर, किशनासर, 750 आरडी पूगल, राणीसर और कावनी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई की जा रही है। सोलर प्लांट लगाने के नाम पर शर्तों का पालन नहीं हो रहा। प्राकृतिक परिस्थितिक तंत्र, खेजड़ी पेड़ और वन्य जीवों का आवास नष्ट हो रहा है। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि, जिला कलेक्टर और उपवन संरक्षक व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। यदि आगे कोई मामला सामने आता है तो तुरंत न्यायालय को रिपोर्ट करनी होगी।
टेनेंसी एक्ट के तहत पेड़ों की अवैध कटाई पर महज 100 रुपये जुर्माना लगाया जा रहा था, जिससे बड़े पैमाने पर खेजड़ी का दोहन जारी रहा। प्रशासन और वन विभाग की लापरवाही पर आक्रोश जताते हुए पर्यावरण प्रेमियों ने अप्रैल 2023 में अवमानना याचिका भी दायर की थी।















