⚪ Bikaner News Today
बीकानेर शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पी.बी.एम. अस्पताल में लगातार बढ़ रही अव्यवस्थाओं को लेकर आज भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल की बदहाली पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मरीजों को बेहतर उपचार व परिसर में व्यवस्था सुधार के लिए कई अहम सुझाव सौंपे।
पूर्व जिला उपाध्यक्ष डॉ. भगवान सिंह मेड़तिया, BJYM जिलाध्यक्ष वेद व्यास, देहात अध्यक्ष जसराज सिंवर सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता इस मुलाक़ात में मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख रूप से निम्न समस्याएं उठाईं—
- ICU में ABG जांच तुरंत सुचारू रूप से शुरू की जाए
- अस्पताल परिसर में खड़ी अवैध प्राइवेट एंबुलेंसों को हटाया जाए
- सभी डॉक्टर्स, रेजिडेंट व स्टाफ यूनिफार्म व नेम प्लेट अनिवार्य रूप से लगाएं
- अस्पताल में कार्यरत सभी कर्मचारियों का पूर्ण वेरिफिकेशन करवाया जाए
- लंबे समय से बंद मर्दाना अस्पताल का गेट तुरंत खोला जाए
- जनाना अस्पताल में रात्रीकालीन सोनोग्राफी शुरू की जाए
- अस्पताल के मुख्य मार्ग पर हुए हेरिटेज सौंदर्यकरण को बचाने हेतु अवैध ठेलों को हटाया जाए
- रात के समय होने वाले नशे के अवैध व्यापार पर रोक
- पूरे परिसर में साफ-सफाई की विशेष मॉनिटरिंग
- दलालों, प्राइवेट लैब संचालकों और अवैध दवा विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई
- जहां-जहां लाइटिंग की कमी है, वहां तुरंत रोशनी की व्यवस्था
- दवाइयों, उपकरणों और सेवाओं के टेंडर में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए
अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने प्रतिनिधिमंडल के सभी सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि अगले 7 दिनों में अधिकांश समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि— “PBM अस्पताल में आमजन को बेहतर चिकित्सा सेवाएं देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
साथ ही, नगर निगम उपयुक्त यशपाल आहूजा व ट्रैफिक इंस्पेक्टर नरेश निर्वाण से भी फोन पर वार्ता कर परिसर के अंदर खड़ी अवैध एंबुलेंस व बाहरी अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए।
एड. रमेश पारिक, के.लाल जोशी, शंकर सोनी, राजेंद्र सिंह कक्कू, ओंकारनाथ सिद्ध, रघुपति सिंह भाटी, विक्रम सिंह राजपुरोहित, भव्य दत्त भाटी, नवल गिरी, लोकेश कच्छावा, नरेंद्र चंचल, हेमंत सुथार, हिमांशु अग्रवाल, ऋषि पारीक, विक्रम कुमावत, विक्रम हर्ष, सुनील रामावत, प्रेम धांधल, वासु रामावत, विनोद व्यास सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।














