⚪ Rajnath Singh Sindh statement
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम में ऐतिहासिक और भू-राजनीतिक संकेत देते हुए कहा कि सिंध क्षेत्र आज भले भारत का हिस्सा नहीं है, लेकिन सीमाएं बदल सकती हैं और सिंध फिर से भारत में शामिल हो सकता है। उनके इस बयान ने राजनीतिक और सांस्कृतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सिंधु नदी के किनारे बसा सिंध प्रांत भारत की प्राचीन सभ्यता का अभिन्न हिस्सा रहा है, और देश के हिंदू ही नहीं, सिंध के मुसलमान भी सिंधु नदी को पवित्र मानते हैं। उन्होंने पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी का उल्लेख करते हुए कहा कि सिंध के विस्थापित लोग आज भी मानसिक रूप से भारत से अपने जुड़ाव को नहीं भूले हैं।
जहां तक जमीन का सवाल है, सीमाएं बदल सकती हैं। कौन जाने, कल सिंध फिर से भारत में शामिल हो जाए।” यह बयान भारत की सांस्कृतिक एकता और भू-राजनीतिक संभावनाओं को लेकर उनके दृष्टिकोण को दर्शाता है। इससे पहले मोरक्को में भारतीय समुदाय से बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत बिना किसी आक्रामक कदम के PoK वापस हासिल कर सकता है, क्योंकि PoK की जनता खुद आज़ादी की मांग कर रही है। “PoK में नारेबाजी शुरू हो गई है… PoK अपने आप हमारा होगा।”

















