राजस्थान में अगले सात महीने बाद चुनाव होने हैं। इस बार भाजपा बूथ स्तर तक संगठन की मजबूती पर काम कर रही है। ऐसे में पार्टी में किसी ऐसे चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की खोज चल रही थी जो मौजूदा काम को आगे बढ़ा सके। संगठन को समझने वाले नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की इसी सोच के कारण सीपी जोशी का चयन होना माना जा रहा है।

संगठन में नीचे से शुरुआत करके सीपी जोशी प्रदेश अध्यक्ष के पद पर पहुंचे हैं। उनको संगठन को समझने वाले नेता के रूप में जाना जाता है। उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र जीवन से 1994 में चित्तौड़गढ़ कॉलेज छात्रसंघ में उपाध्यक्ष से हुई थी।

अगले ही साल 1995 में वे चित्तौड़गढ़ कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष बने। वर्ष 2000 से लेकर 2005 तक वे जिला परिषद सदस्य रहे। 2005 से 2010 तक चित्तौड़गढ़ की भदेसर पंचायत समिति के उप प्रधान रहे। वे चित्तौड़गढ़ भाजपा के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं। प्रदेश भाजपा संगठन में वे सितंबर 2014 से 2017 तक प्रदेश युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे। अभी पूनिया की टीम में वे प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर काम कर रहे थे।
















