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बदनामी के साये से निकलकर टॉपर बनी चंद्रिका, 99% से चमकी सफलता…

🟡 RBSE 10th Topper 2026 Inspirational Story

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के 10वीं परिणाम 2026 में एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जालोर जिले के चितलवाना उपखंड के छोटे से गांव परावा की छात्रा चंद्रिका विश्नोई ने 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों को नहीं रोक सकतीं।

चंद्रिका की सफलता केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मविश्वास और अनुशासन की मिसाल है। उनके पिता गोपाल सारण, जो कभी राजस्थान पुलिस में सब-इंस्पेक्टर थे, वर्तमान में पेपर लीक मामले में जेल में बंद हैं। वर्ष 2024 में SOG द्वारा उनकी गिरफ्तारी के बाद परिवार सामाजिक और मानसिक दबाव से गुजर रहा था। इन विपरीत हालातों के बीच चंद्रिका ने खुद को पूरी तरह पढ़ाई में समर्पित कर दिया। सिवाड़ा स्थित सनराइज पब्लिक स्कूल की इस मेधावी छात्रा ने लगातार मेहनत, फोकस और आत्मसंयम के बल पर यह उपलब्धि हासिल की। पढ़ाई के साथ-साथ चंद्रिका एक प्रतिभाशाली वक्ता और कवयित्री भी हैं। उनका कविता संग्रह ‘छू ले नभ वो अब’ उनके रचनात्मक व्यक्तित्व को दर्शाता है।

इस सफलता के पीछे उनके दादा पाबूराम विश्नोई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कठिन समय में परिवार को संभाला और चंद्रिका को सही दिशा में मार्गदर्शन दिया। दादा के समर्थन और अनुशासन ने चंद्रिका को अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने में मदद की। एक समय परिवार का नाम विवादों में था, लेकिन आज चंद्रिका की उपलब्धि ने उसी नाम को सम्मान दिलाया है। उनकी यह सफलता न केवल छात्रों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि व्यक्ति का भविष्य उसकी मेहनत और संकल्प से तय होता है, न कि परिस्थितियों से।


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