Rajasthan crime news today
दुबई से अपने गांव लौटे युवक सुभाष मेघवाल की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। तीसरे दिन भी परिजनों ने मृतक का शव लेने से इनकार कर दिया है। परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। बुधवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। “पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद” के नारों के बीच प्रदर्शन उग्र हो गया।

प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की कर दी। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने भीड़ को बलपूर्वक तितर-बितर किया।
जाने पूरा मामला
यह मामला झुंझुनूं जिले के धनुरी थाना क्षेत्र के बिरमी गांव का है। युवक सुभाष का शव बीडीके अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, सुभाष की पत्नी मनोज देवी ने 18 मई को हत्या का मामला दर्ज कराया था। FIR में आरोप लगाया गया है कि त्रिलोका का बास निवासी मुकेश जाट, उसके साले और दो-तीन अन्य ने मिलकर सुभाष मेघवाल की हत्या की। परिजनों के अनुसार, आरोपी मुकेश जाट करीब 8 साल पहले अनुकंपा नियुक्ति के तहत झुंझुनूं पुलिस में कनिष्ठ सहायक पद पर भर्ती हुआ था। वर्तमान में वह पुलिस मुख्यालय जयपुर में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत है।
ग्रामीण सचिन चौपड़ा ने बताया कि सुभाष दुबई में काम करता था और वह 5 मई को धनुरी गांव आया था। उसकी वापसी 20 मई को थी। लेकिन 16 मई की रात, रोहिड़ा बस स्टैंड के पास एक होटल पर खाना खाने के दौरान उसकी मुकेश जाट से कहासुनी हो गई। होटल से घर लौटते वक्त मुकेश और उसके साथियों ने सुभाष का पीछा किया और उसके साथ निर्मम मारपीट कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
















