🟡 Vice President Election 2025
देश के 15वें उपराष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में एनडीए प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन ने बड़ी जीत हासिल की है। यह नतीजा भले ही पहले से तय माना जा रहा था, लेकिन असली झटका विपक्षी गठबंधन INDIA को अपने ही वोट बैंक में सेंधमारी से लगा है।
विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीद के मुताबिक 315-324 वोट मिलने थे, मगर उन्हें केवल 300 वोट ही मिले। इससे साफ है कि कम से कम 15 सांसदों ने क्रॉस वोटिंग करते हुए NDA के पक्ष में मतदान किया। इतना ही नहीं, 15 वोट जानबूझकर अवैध घोषित किए जाने की भी चर्चाएँ तेज़ हैं।
विपक्ष में ‘गद्दारों’ की तलाश
चुनाव नतीजों के बाद विपक्षी खेमे में खलबली मच गई है और अब ‘गद्दारों’ की तलाश शुरू हो गई है। सबसे ज्यादा सवाल AAP, शिवसेना (UBT) और एनसीपी (शरद पवार गुट) के सांसदों पर उठ रहे हैं। वहीं राजस्थान और तमिलनाडु से आए कुछ वोटों को लेकर भी अंदरखाने चर्चा हो रही है। चूंकि उपराष्ट्रपति चुनाव में पार्टी व्हिप लागू नहीं होता, इसलिए नेताओं के लिए क्रॉस वोटिंग आसान हो गई।
कांग्रेस की 100% उपस्थिति का दावा टूटा
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने वोटिंग के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर लिखा था कि विपक्षी गठबंधन के 315 सांसदों ने 100% उपस्थिति दर्ज कराई है। लेकिन नतीजों ने यह दावा धराशायी कर दिया। दरअसल, विपक्ष इस चुनाव को बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एकता का प्रदर्शन बताना चाहता था, लेकिन भीतर बैठे “ट्रोजन हॉर्स” ने यह रणनीति चौपट कर दी।
आंकड़ों पर एक नजर
- कुल मतदाता: 781
- मतदान करने वाले: 767
- वैध वोट: 752
- अवैध वोट: 15
- जीत के लिए आवश्यक वोट: 377
- NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को मिले: 452 वोट
- विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को मिले: 300 वोट
इस तरह विपक्षी एकता का दावा नतीजों के बाद बिखर गया और एनडीए ने यह चुनाव केवल जीत नहीं बल्कि विपक्ष की कमजोरी उजागर कर अपने नाम किया।















