🔴 Rajasthan Cyber Fraud News
राजस्थान में साइबर ठगों ने एक बार फिर सरकारी सिस्टम को निशाना बनाया है। राज्य के चार जिलों—चित्तौड़गढ़, झालावाड़, डूंगरपुर और प्रतापगढ़—के कलेक्टर्स के नाम से फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाकर एसडीएम, बीएलओ और कलेक्टरों के परिचितों को संदिग्ध मैसेज भेजे जा रहे हैं। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
किन कलेक्टर्स के नाम पर बने फर्जी अकाउंट?
- चित्तौड़गढ़ कलेक्टर – आलोक रंजन
- झालावाड़ कलेक्टर – अजयसिंह राठौड़
- डूंगरपुर कलेक्टर – अंकित कुमार सिंह
- प्रतापगढ़ कलेक्टर – अंजलि राजोरिया
इनके नाम और फोटो का इस्तेमाल कर ठगों ने आधिकारिक जैसा दिखने वाला प्रोफाइल तैयार किया और सरकारी अधिकारियों को भरोसे में लेने की कोशिश की।
चित्तौड़गढ़ कलेक्टर आलोक रंजन के नाम से बने अकाउंट से एसडीएम और बीएलओ को मैसेज भेजे गए। जैसे ही बात फैलनी शुरू हुई, अधिकारियों में चिंता बढ़ गई। फर्जी मैसेज मिलने के बाद कलेक्टर्स ने तुरंत WhatsApp, Facebook और Instagram पर स्टेटस लगाकर चेतावनी जारी की। उन्होंने साफ कहा— “कोई भी व्यक्ति फर्जी अकाउंट पर बातचीत न करे। किसी लिंक, पैसे या मदद संबंधी मैसेज पर भरोसा न करें।”
चित्तौड़गढ़ कलेक्टर आलोक रंजन ने बताया कि, उन्होंने मामला दर्ज नहीं करवाया, बल्कि पुलिस को सूचना देकर जांच शुरू करवा दी है। बाकी कलेक्टर्स ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को अलर्ट किया है ताकि कोई भी अधिकारी या आम नागरिक ठगी का शिकार न बने। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह पूरा खेल वियतनाम के साइबर क्रिमिनल्स का बताया जा रहा है, जो भारत में फर्जी अकाउंट बनाकर सरकारी अधिकारियों के नाम पर स्कैम करने में सक्रिय है। साइबर सेल मामले की तकनीकी जांच कर रही है।

















