🔴 Rajasthan Religious Conversion Case
श्रीगंगानगर जिले के बॉर्डर एरिया हिंदुमलकोट में एक बड़ा धर्म परिवर्तन मामला सामने आया है। यहां पास्टर (पादरी) बग्गुसिंह और उसके बेटे अमनदीप पर आरोप है कि उन्होंने बीमारी ठीक करने का दावा करते हुए लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया और अन्य धर्मों के खिलाफ अपशब्द बोले। पुलिस ने सोमवार को दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अमनदीप को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बग्गुसिंह फिलहाल फरार है।
खाटलबाना गांव निवासी सतनाम सिंह ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह लंबे समय से बीमार हैं। गांव के ही पास्टर बग्गुसिंह ने दावा किया कि ईसाई धर्म अपनाने से उनकी बीमारी ठीक हो जाएगी। उसने सतनाम को अपने घर बुलाकर जल पिलाया, मंत्र पढ़े और सिर पर हाथ रखकर कहा — “अब तुम ईसाई हो गए हो, प्रभु यीशु तुम्हारी बीमारी ठीक करेंगे।” इस दौरान उसने अन्य धर्मों और धर्मगुरुओं के खिलाफ अपमानजनक बातें भी कीं।
जब सतनाम ने यह बात अपने बेटे सुखविंद्र सिंह को बताई, तो उसने पास्टर से बात की। आरोप है कि बग्गुसिंह ने धमकी दी — “मेरे बड़े अधिकारियों से संबंध हैं, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।” वहीं, उसके बेटे अमनदीप ने भी फोन पर जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को कॉल रिकॉर्डिंग सहित सबूत सौंपे हैं।
सतनाम सिंह का कहना है कि, बग्गुसिंह ने खाटलबाना में अपने घर पर चर्च बना रखा है, जहां रोजाना प्रार्थना सभा के नाम पर धर्म परिवर्तन की गतिविधियां होती हैं। गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है।
बग्गुसिंह का नाम इससे पहले भी धर्म परिवर्तन मामलों में सामने आ चुका है।मार्च 2024 में संगरिया थाने में भी उस पर मामला दर्ज हुआ था। तब उसने बोलांवाली गांव में धार्मिक आयोजन के बहाने लोगों को बुलाया और एक-एक लाख रुपए में ईसाई धर्म अपनाने की बात कही थी। उस वक्त पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। 6 अक्टूबर को हिंदुमलकोट पुलिस ने बाप-बेटे के खिलाफ धर्म परिवर्तन और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। SHO गुरमेल सिंह के अनुसार, बग्गुसिंह ने गांव के करीब 25 घरों में धर्म परिवर्तन करवाया है और अब गांव के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
















