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बीकानेर में ऐतिहासिक फैसला, एक ही परिवार के 11 लोगों को उम्रकैद…

🟢 Bikaner News Today

न्याय व्यवस्था की बुनियाद माने जाने वाले गवाह के साथ मारपीट को अदालत ने बेहद गंभीर अपराध माना है। इसी सिद्धांत को मजबूत करते हुए बीकानेर जिले की नोखा अदालत ने एक ही परिवार के 11 आरोपियों को उम्रकैद की कठोर सजा सुनाई है। सभी दोषियों ने 2016 में एक गवाह पर जानलेवा हमला कर उसे कोर्ट में बयान देने से रोकने की साजिश रची थी।

धूड़ाराम पर हुए हमले के गवाह जयसुखराम, फरवरी 2016 में अपने बेटे राकेश के साथ अस्पताल जा रहे थे। रास्ते में घात लगाए बैठे 11 लोगों ने उन पर कुल्हाड़ियों और लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।हमले में— जयसुखराम के दोनों पैर टूट गए। 10 जगह फ्रैक्चर। बेटे राकेश को भी चोटें आईं। राहगीरों के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।

अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश कुमार की अदालत ने बृजलाल पुत्र बीरबलराम, देवीलाल पुत्र बृजलाल, सुन्दरलाल पुत्र गोपीराम, शिवलाल पुत्र बीरबलराम, सुखदेव उर्फ सुखाराम पुत्र बृजलाल, सोहनलाल पुत्र बीरबलराम, गोपीराम पुत्र बीरबलराम, रामकुमार पुत्र बीरबलराम, मांगीलाल पुत्र गोपीराम, प्रदीप पुत्र बृजलाल, रामस्वरूप पुत्र बीरबलराम आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई ओर यह सभी एक ही परिवार से संबंध रखते हैं।

अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि, गवाह पर हमला न्याय व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। यदि साक्षी को धमकाया या रोका जाए, तो न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है। न्याय तभी संभव है, जब साक्षी स्वतंत्र होकर गवाही दे सके।


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