⚪ Rajasthan Nikay Chunav 2026
राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय चुनावों से पहले बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान ने प्रत्याशियों की पात्रता से जुड़ी ‘बच्चों की अधिकतम संख्या’ वाली शर्त को समाप्त करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया है। इस प्रस्ताव को अंतिम राय के लिए विधि विभाग, राजस्थान को भेज दिया गया है।
अब तक निकाय चुनावों में प्रत्याशियों के लिए बच्चों की संख्या को लेकर सीमा तय करने पर चर्चा थी—खासतौर पर तीन बच्चों तक की छूट का मॉडल। लेकिन नए प्रस्ताव में इस सीमा को पूरी तरह खत्म करने का संकेत दिया गया है। यानी यदि संशोधन लागू होता है, तो किसी भी प्रत्याशी को बच्चों की संख्या के आधार पर चुनाव लड़ने से नहीं रोका जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम सामाजिक और जातीय समीकरणों को साधने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इससे ग्रामीण और पारंपरिक परिवारों से आने वाले संभावित उम्मीदवारों के लिए रास्ता आसान होगा, जिससे चुनावी मैदान में प्रतिस्पर्धा और व्यापक हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक अगले 10–15 दिनों में इस प्रस्ताव पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। अंतिम मंजूरी के बाद राजस्थान विधानसभा में नगर पालिका कानून में संशोधन लाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अध्यादेश के जरिए भी इसे लागू किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से:
- उम्मीदवारों की संख्या बढ़ेगी
- अधिक सामाजिक वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित होगी
- चुनावी मुकाबला पहले से ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेगा
विधि विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह संशोधन मौजूदा सत्र में पारित होता है, तो आगामी निकाय चुनावों में इसके सीधे प्रभाव देखने को मिलेंगे।















