🔴 Bikaner News Today
भक्ति और भगवान के अनूठे समर्पण का प्रतीक “नानी बाई रो मायरो” कार्यक्रम की शुरुआत शहर के आराध्य नगर सेठ श्री लक्ष्मीनाथ भगवान को पहला न्यौता देकर की गई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भक्त नरसी मेहता और भगवान कृष्ण के अलौकिक संबंध को जन-जन तक पहुँचाना है।
कार्यक्रम श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज की ओर से आयोजित किया जा रहा है। समाज अध्यक्ष इन्द्रा दवे ने जानकारी देते हुए बताया कि नवरात्रा पर्व के पावन अवसर पर तीन दिवसीय भक्ति महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा – “भगवान कृष्ण एवं नरसी मेहता की लीला को जीवंत करने वाला यह आयोजन पूरे शहर के लिए आस्था और सांस्कृतिक समर्पण का अद्भुत अवसर होगा।”
तीन दिवसीय कार्यक्रम की झलकियाँ
- दिनांक: 28 से 30 सितम्बर 2025
- स्थान: महालक्ष्मी महिन्दर, बेणीसर बारी बाहर, बीकानेर
- समय: प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक
कलश यात्रा से कार्यक्रम का शुभारंभ आकर्षक सजीव झांकियाँ – महादेवी-पार्वती, कृष्ण-राधिका एवं रूक्मिणी, गोपिया, नरसी जी, सूरा-सूर्या, नानी बाई और उनकी बेटी भावपूर्ण रासलीला प्रस्तुति सुविख्यात कथा वाचक पं. उत्कृष्ट महाराज द्वारा नानी बाई रो मायरो का संगीतमय वाचन।
महिला मण्डल प्रवक्ता एवं सह सचिव सुनीता श्रीमाली ने बताया कि नवरात्रा के अवसर पर महिलाओं ने इस आयोजन की विशेष जिम्मेदारी संभाली है। समाज की महिलाएँ श्रद्धा और समर्पण से इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। इस अवसर पर समाज की अनेक महिला सदस्य – इन्द्रा दवे, सुनिता श्रीमाली, ऋतु दवे, गायत्री श्रीमाली, निर्मला दवे, गायत्री व्यास, अनु श्रीमाली, चित्रबाला सहित अन्य उपस्थित रही।














