🟢 PBM Hospital Bikaner
बीकानेर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीबीएम अस्पताल की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सुर्खियों में है। मंगलवार रात जनाना की छत का प्लास्टर बड़े हिस्से में गिर गया। लेकिन सौभाग्य से उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था। ठीक नीचे महिलाओं के बैठने की टेबल रखी हुई थी। यदि यह घटना दिन के समय होती, तो गंभीर चोट या जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता था।
जनाना अस्पताल वह स्थान है जहां दिनभर मरीज, परिजन और स्टाफ की आवाजाही बनी रहती है। अक्सर लोग इसी जगह बैठते या खड़े रहते हैं। ऐसे में रात में गिरी यह छत एक बड़े हादसे से बाल-बाल बचने जैसा है।
पीबीएम में प्लास्टर गिरने की घटनाएँ नई नहीं हैं। मेडिकल कॉलेज का एक हिस्सा हाल ही में बारिश में ढह गया था। अस्पताल में पहले भी कई बार छतों का प्लास्टर गिर चुका है। इसके बावजूद प्रबंधन ने न तो तुरंत निरीक्षण करवाया और न ही संबंधित विभाग को मौका-मुआयना करने को कहा। यह उदासीनता सीधे-सीधे मरीजों की जान जोखिम में डाल रही है।
ऐसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले अस्पताल में नियमित मेंटेनेंस का न होना गंभीर चिंता का विषय है। अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है, लेकिन यहां स्थिति इसके बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है।















