🟡 Rahul Gandhi Privilege Motion
संसद का बजट सत्र इस बार बेहद हंगामेदार साबित हो रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार को एपस्टीन फाइल्स, यूएस डील और जनरल नरवणे की किताब जैसे मुद्दों पर घेरा, जिसके बाद अब सत्ता पक्ष ने पलटवार की रणनीति तैयार कर ली है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव Privilege Motion लाने पर विचार कर रही है।
क्या है पूरा विवाद?
सदन में अपने भाषण के दौरान Rahul Gandhi ने एपस्टीन फाइल्स और अंतरराष्ट्रीय डील्स से जुड़े कुछ संदर्भ दिए। सत्ता पक्ष का आरोप है कि उन्होंने जिन तथ्यों का उल्लेख किया, उन्हें प्रमाणित नहीं किया। नियमों के मुताबिक, यदि कोई सांसद सदन में किसी पर आरोप लगाता है, तो उसे स्रोत और दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। ऐसा नहीं करने पर इसे विशेषाधिकार हनन माना जा सकता है।
क्या है विशेषाधिकार हनन?
संसद के विशेषाधिकार का उद्देश्य सदन की गरिमा, स्वतंत्रता और अधिकारों की रक्षा करना है। यदि कोई सदस्य या बाहरी व्यक्ति इन अधिकारों में बाधा डालता है या सदन को गुमराह करता है, तो विशेषाधिकार हनन का मामला बन सकता है।
आमतौर पर यह मामला विशेषाधिकार समिति को भेजा जाता है—
- लोकसभा में 15 सदस्यीय समिति
- राज्यसभा में 10 सदस्यीय समिति
समिति जांच कर रिपोर्ट स्पीकर को सौंपती है, जिसके बाद सदन कार्रवाई तय करता है।
यदि समिति और सदन को लगता है कि मामला गंभीर है, तो कार्रवाई में शामिल हो सकते हैं:
- चेतावनी
- फटकार (Reprimand)
- निलंबन
- निष्कासन (सदस्यता समाप्त)
1978 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव पारित हुआ था। उस समय 279 वोट पक्ष में और 138 विरोध में पड़े थे। उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई थी और उन्हें कुछ समय के लिए जेल भी जाना पड़ा था। इसी तरह 1976 में राज्यसभा ने सुब्रमण्यम स्वामी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव पारित कर उनकी सदस्यता समाप्त कर दी थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार इस मुद्दे पर कानूनी और संसदीय विकल्पों पर विचार कर रही है। यदि प्रस्ताव लाया जाता है और सदन में बहुमत से पारित हो जाता है, तो मामला विशेषाधिकार समिति को जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम संसद के भीतर सियासी टकराव को और तेज कर सकता है। अब सबकी निगाहें लोकसभा अध्यक्ष और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।














