🟠 Bikaner News Today
बीकानेर में प्रस्तावित महापड़ाव को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक हलचल तेज हो गई है। पर्यावरण संरक्षण और खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत आयोजित होने जा रहे इस महापड़ाव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पर्यावरण प्रेमी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और जिला प्रशासन की गतिविधियां बढ़ गई हैं।
खेजड़ी बचाओ–प्रकृति आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों से बड़ी संख्या में लोगों के बीकानेर पहुंचने की संभावना है। यह आंदोलन अपनी तरह का अनूठा बताया जा रहा है, जिसमें हजारों लोग स्वेच्छा से, अपने खर्च पर शामिल होंगे।
2 फरवरी को प्रस्तावित महापड़ाव को देखते हुए बीकानेर बंद की घोषणा की गई है। पर्यावरण संघर्ष समिति ने शहर, गांव और ढाणियों तक जनसंपर्क कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया है। आंदोलन की रणनीति पूरी तरह तैयार कर ली गई है। इसी दिन पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी। दोपहर बाद बिश्नोई धर्मशाला के सामने अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू होगा।
नाटक, भजन संध्या और रात्रि जागरण होंगे आकर्षण
महापड़ाव के दौरान “खेजड़ी की बेटी” विषय पर नाटक का मंचन किया जाएगा। इसके साथ ही भजन संध्या और रात्रि जागरण का आयोजन भी होगा। मुकाम पीठाधीश्वर रामानंद महाराज के सानिध्य में महापड़ाव का विधिवत शंखनाद किया जाएगा।
महापड़ाव और जनसभा में बड़ी संख्या में साधु-संत समाज, 36 कौम के लोग, मंत्री, पूर्व मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। आयोजकों के अनुसार करीब 50 हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान है। आंदोलन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। गुप्त सूचनाएं जुटाई जा रही हैं। वहीं आंदोलन को लेकर वकील समुदाय सहित कई सामाजिक संगठनों ने समर्थन का ऐलान कर दिया है।














