





RASHTRA DEEP। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री कर्नाटक में पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने सोमवार (1 मई) को कहा कि हर पार्टी में, हर राज्य में आपस में थोड़ा बहुत मनमुटाव होता ही है. राजस्थान भाजपा में जो मनमुटाव है, वो कहीं देखने को ही नहीं मिलेगा। भजापा के कई नेता पार्टी छोड़कर कांग्रेस में आ रहे है। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान अशोक गहलोत ने ये बात कही। दरअसल, सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच का मनमुटाव किसी से छुपा नहीं ह। हाल ही में सचिन पायलट ने राजस्थान की कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक दिन का धरना भी दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि मौजूदा सरकार ने पहले की बीजेपी सरकार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
सचिन पायलट ने कांग्रेस नेताओं से किया ये आह्वान, इसके अलावा सचिन पायलट ने बीते साल सितंबर के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कांग्रेस के प्रतिनिधियों और अन्य नेताओं से आह्वान किया था कि वे लोगों और कार्यकर्ताओं के बीच जाएं और उनकी भावनाओं को समझें क्योंकि विधानसभा चुनाव करीब हैं। शनिवार को इसपर कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा था कि वह अतीत की बातों को बहुत आगे नहीं ले जाना चाहते हैं और अब ध्यान भविष्य पर होना चाहिए।
क्या हुआ था सितंबर में? गौरतलब है कि राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व में बदलाव को लेकर पिछले साल 25 सितंबर को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। हालांकि ये बैठक नहीं हो पाई थी क्योंकि गहलोत खेमे के विधायक इस बैठक में नहीं पहुंचे और उन्होंने एक अलग बैठक की थी। गहलोत समर्थक विधायक सीएम पद पर सचिन पायलट की नियुक्ति के खिलाफ हो गए थे।
पायलट ने पार्टी नेतृत्व से किया सवाल, सचिन पायलट ने बीती 23 अप्रैल को इसी घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि ये तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आदेशों का खुला उल्लंघन था। तब मल्लिकार्जुन खरगे और अजय माकन की खुलेआम बेइज्जती की गई। उनके खिलाफ अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यह सवाल है, इसका जवाब पार्टी के ही पास है।















