⚪ Bikaner News Today
बीकानेर जिले के नोखा उपखंड का छोटा-सा गांव ढींगसरी अब स्पोर्ट्स मैप पर तेजी से उभर रहा है। कभी टिब्बों और उबड़-खाबड़ जमीन के लिए प्रसिद्ध यह क्षेत्र अब चार आधुनिक फुटबॉल मैदानों, अत्याधुनिक गर्ल्स हॉस्टल और बेहतरीन खेल सुविधाओं से सज चुका है। रविवार, 23 नवम्बर 2025 को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने इन सुविधाओं का उद्घाटन किया और बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शेखावत ने कहा कि ढींगसरी की बालिकाओं ने संसाधनों की कमी के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मेहनत और प्रतिभा से नाम कमाया है। अब जब गांव में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो चुकी हैं, तो “आसमां भी इनके लिए छोटा पड़ जाएगा।” उन्होंने कोच विक्रम सिंह राजवी और खेल प्रतिभाओं के परिजनों को सलाम करते हुए कहा कि बेटियों के संकल्प और कोच की दिशा-दृष्टि ने इस गांव की तस्वीर बदल दी है। भामाशाहों—बीकाजी ग्रुप, हल्दीराम, और उत्कल बिल्डर्स—की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि जहां ऐसे दानदाता हों, वहां संसाधनों की कभी कमी नहीं हो सकती।
इस भव्य कार्यक्रम में कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी, बीकाजी के एमडी दीपक अग्रवाल, अर्जुन अवॉर्डी मगन सिंह राजवी, सुभाष भूरा, पूर्व UIT चेयरमैन महावीर रांका सहित कई प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन चंद्रवीर सिंह राजवी ने और स्वागत उद्बोधन कुंजन कंवर ने दिया।

विधायक अंशुमान सिंह ने कहा कि, ढींगसरी ही नहीं, आसपास के कई गांवों की बेटियां अब विश्वस्तरीय पहचान बनाने की राह पर हैं। कभी जहां केवल रेत के टिब्बे थे, आज वहां हरे-भरे स्टेडियम बालिकाओं के सपनों को संवार रहे हैं। उन्होंने भामाशाह जेठमल पंचारिया द्वारा उपलब्ध करवाई गई जमीन को “समाज सेवा की मिसाल” बताया।अगस्त 2024 में ढींगसरी की बेटियों ने राष्ट्रीय टूर्नामेंट जीतकर इतिहास रचा। इसके तुरंत बाद पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी और सहयोगियों ने 17.83 लाख रुपये का सहयोग देकर मैदान विकास की शुरुआत की।
इसी कड़ी में उत्कल बिल्डर्स के चैयरपर्सन सुभाष भूरा ने गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण करवाया। वहीं महावीर रांका, दीपक अग्रवाल सहित कई दानदाताओं ने डाइट, कोचिंग, ड्रेसेज, जूते, उपकरण और मैदान निर्माण में योगदान दिया। तीन घास के फुटबॉल मैदान, दो बीच फुटबॉल मैदान, आधुनिक गर्ल्स हॉस्टल, खेले के उपकरण और डाइट सुविधाएं
कोच विक्रम सिंह ने बताया कि, अब गांव की बालिकाएं सुबह-शाम मैदान में अभ्यास कर रही हैं। परिवार खुद बच्चियों को फुटबॉल खेलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। गांव की मुन्नी भांभू अंडर-17 नेशनल टीम की सदस्य है और सीनियर वुमेंस टीम के लिए भी उसका चयन हुआ है। राजवी ने गर्व से कहा— “जिस रफ्तार से ये बदलाव आया है, ढींगसरी एक दिन मिनी ब्राजील कहलाएगा।”














