Government Employee Betting Scam
ऑनलाइन गेम के जरिए धोखाधड़ी करने वाला मास्टरमाइंड नवल किशोर शर्मा उर्फ मेडी का चौंकाने वाला राज खुला है। वह न केवल एक सरकारी कर्मचारी है बल्कि बिजली विभाग के बड़गांव ब्लॉक में बतौर टेक्निशियन पद पर कार्यरत है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी बीते करीब आठ महीने से दुबई में बैठकर ऑनलाइन गेम का सट्टा चला रहा था, और इस दौरान विभाग को उसकी गैरहाजिरी की भनक तक नहीं लगी।
नवल किशोर शर्मा अपने साथियों मयंक सिंह रत्नावत और अर्पित सिंह चौहान के साथ मिलकर “डायमंड एक्सचेंज” नामक वेबसाइट चला रहा था। इस साइट पर फुटबॉल, टेनिस और अन्य खेलों पर ऑनलाइन बेटिंग कराई जाती थी। ग्राहकों को फर्जी आईडी दिलवाकर और कॉइन रिचार्ज कराने के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूली जाती। मयंक और अर्पित इस पूरी गेमिंग फ्रॉड में फ्रंट एंड का काम देखते, जबकि मास्टरमाइंड दुबई से पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करता।
दो दिन पहले पुलिस ने देवाली स्थित एक मकान पर छापा मारकर इस रैकेट का भंडाफोड़ किया। यहां से आरोपी मयंक सिंह रत्नावत को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि नवल किशोर शर्मा दुबई में बैठकर पूरे नेटवर्क को नियंत्रित कर रहा है।
कैसे फंसाते थे ग्राहक
- सबसे पहले ग्राहक को वाट्सऐप के जरिए आईडी ऑफर की जाती।
- आईडी एक्टिवेट करने से पहले पेमेंट करवाया जाता।
- क्यूआर कोड भेजकर रकम ट्रांसफर कराई जाती।
- इसके बाद कॉइन रिचार्ज कराकर ग्राहक को सट्टे की लत में फंसा दिया जाता।
- इसके लिए फर्जी सिम कार्ड और अलग-अलग पेमेंट चैनल का इस्तेमाल होता।
बड़ा सवाल: विभाग क्यों चुप रहा?
बड़गांव बिजली कार्यालय में टेक्निशियन पद पर कार्यरत आरोपी नवल शर्मा इतने लंबे समय तक ऑफिस से गायब रहा। विभागीय एक्सईएन से जब इस बारे में सवाल किया गया तो कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया।
अब बड़ा सवाल यह है कि –
- क्या विभाग ने कभी उसकी गैरहाजिरी पर ध्यान नहीं दिया?
- दुबई में रहते हुए सरकारी नौकरी कैसे बचाए रखी?
- क्या इसमें विभागीय लापरवाही भी शामिल है?
















