Teachers Movement Rajasthan
राजस्थान में शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दों को लेकर शिक्षक एक बार फिर से सड़कों पर हैं। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के बैनर तले, राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के नेतृत्व में बीकानेर जिला कलेक्ट्रेट पर शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर कार्यालय को 11 सूत्रीय मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा।
इस प्रदर्शन में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण, लंबित पदोन्नति, नई शिक्षा नीति 2020 की समीक्षा, और गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति जैसे गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

11 सूत्रीय मांगें बनीं आक्रोश की वजह
संघ के नेताओं—पृथ्वीराज लेघा, सुरेंद्र सिंह भाटी, अरुण गोदारा, संजय पुरोहित और रेवंतराम गोदारा—ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि:
- तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण तुरंत शुरू किए जाएं।
- लंबित डीपीसी जल्द से जल्द पूर्ण की जाए।
- नई शिक्षा नीति 2020 की व्यापक समीक्षा हो।
- शिक्षकों को BLO व गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए।
- NPS में जमा 50 हजार करोड़ रुपये कर्मचारियों को लौटाए जाएं।
- वेतन विसंगति (2007-2009) को तुरंत निपटाया जाए।
- संविदा भर्ती बंद कर एक लाख पदों पर नियमित भर्ती की जाए।
- पीडी मद का बजट एकमुश्त जारी हो।
- स्थाईकरण का अधिकार डीईओ को सौंपा जाए।
- मिड डे मील व संविदा कर्मियों का न्यूनतम मानदेय ₹26000 किया जाए।
अगर समय रहते सरकार ने इन मांगों पर कोई सार्थक कदम नहीं उठाया, तो संगठन ने 5 अगस्त 2025 से प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन की घोषणा कर दी है। इसके लिए राज्य सरकार को पूर्णत जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
प्रदर्शन में खुमाणाराम सारण, महेंद्र सिंह पंवार, जयपाल कूकणा, अंजुमन आरा, मनीष ठाकुर, दिलावर सिंह, रामस्वरूप गोदारा, आरिफ अली, अनुज अनेजा, हंसराज सियोता, जयकिशन, सिराज अली सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।















