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राजस्थान के डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के पुत्र का गाड़ी चलाते एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे लेकर तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। जिसके चलते शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
उपमुख्यमंत्री बैरवा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, बच्चों का गाड़ी में बैठकर घुमना गलत बात नहीं है। वीडियो में मेरा बेटा नजर आ रहा है। इसमें कुछ गलत नहीं है। ये मेरा सौभाग्य है कि पीएम मोदी ने मुझ जैसे को उपमुख्यमंत्री बनाया है। इसके बाद मेरे बेटे को भी महंगी गाड़ियों में बैठने का मौका मिल रहा है। उसने भी अच्छी गाड़ी को देखा है। मेरा बेटा सीनियर स्कूल में पढ़ता है। वो अपने स्कूल के दोस्तों के साथ गया था। मेरा बेटा तो अभी तक 18 साल का भी नहीं हुआ है। बेटे को कोई गाड़ी एस्कॉर्ट नहीं कर रही थी, बल्कि वो गाड़ी सुरक्षा में पीछे-पीछे चल रही थी। इसे अगर कोई बेवजह तूल देता है तो उसकी मर्जी है।
कांग्रेस नेताओं ने भी कहा है कि आखिर मंत्री को मिलने वाली एस्कॉर्ट का उपयोग मंत्री पुत्र किस आधार पर कर रहा है? परिवार को केवल विशेष परिस्थितियों में या किसी भी तरह की इंटेलिजेंस रिपोर्ट के आधार पर ही सिक्योरिटी दी जाती है। सवाल यातायात नियमों का भी है, क्योंकि बिना सीट बेल्ट वाहन चलाना भी कानूनी रूप से गलत है। यातायात नियमों के तहत वर्ष 1995 के बाद के सभी वाहनों पर सीट बेल्ट अनिवार्य है। इसके अलावा बिना परिवहन विभाग की अनुमति के गाड़ी की बॉडी को मॉडिफाई करना भी नियमों के खिलाफ है। एचएसआरपी नंबर प्लेट के बिना वाहन चलाना भी नियम विरुद्ध है। हालांकि इन सवालों पर मंत्री प्रेमचंद बैरवा कर कहना है कि यातायात नियमों की किसी भी तरह से अवहेलना नहीं की गई है।














